Marak Grah
- 14-01-2024
- By : Team aaditya
मारक ग्रह :- महर्षि पाराशर ने द्वितीय-सप्तम भाव को मारक स्थान की संज्ञा दी है और इनके स्वामियों को मारकेश, वहीं द्वितीयेश एवं सप्तमेश पर जिन ग्रहों की दृष्टि पड़ती हो वे भी मारकेश {…}
Read Moreमारक ग्रह :- महर्षि पाराशर ने द्वितीय-सप्तम भाव को मारक स्थान की संज्ञा दी है और इनके स्वामियों को मारकेश, वहीं द्वितीयेश एवं सप्तमेश पर जिन ग्रहों की दृष्टि पड़ती हो वे भी मारकेश {…}
Read Moreशास्त्र का कथन हैं कि- ‘संदिग्धो हि हतो मन्त्र व्यग्रचित्ती हतो जपः’ सन्देह करने से मंत्र हत हो जाता है, और व्यग्रचित्त से किया हुआ जप निष्फल रहता है, संदिग्ध, व्यग्र, अश्रद्धालु और अस्थिर {…}
Read Moreपिछले लगभग बीस-तीस वर्षों से प्रतिस्पर्धा का माहौल होने से हमारे जीवन में तनाव काफी बढ़ गया है। इससे मानसिक अवसाद और इससे शारीरिक व्याधियाँ हमें परेशान कर रही है। वास्तुशास्त्र चूँकि प्रकृति से {…}
Read Moreकुम्भ राशि आप की राशि से शनि ग्रह की स्थिति वर्ष 2023 में प्रथम स्थान में रहेगी। यह वर्ष आप के स्वास्थ्य के लिये हानिकारक हो सकता है, पेट, अपच और गैस आदि की {…}
Read Moreहर हिन्दू वर्ष में दीपावली 3 बार आती है, सबसे पहले पितृपक्ष की अमावस्या के दिन पितृ दीपावली, उसके बाद कार्तिक अमावस्या के दिन मानवीय दीपावली और कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दीपावली। पितृ {…}
Read Moreएश्वर्यप्रद महालक्ष्मी पूजा विधान- दीपावली का पर्व सुख, समृद्धि, ऐश्वर्य, वैभव और लक्ष्मी आगमन का पर्व है, लक्ष्मीजी को समृद्धि की आराध्य देवी माना गया है। दीपावली पर्व इनकी आराधना और पूजन का सिद्धि {…}
Read Moreतंत्र साधना में दीपावली की रात्रि को कालरात्रि भी कहा जाता है। तंत्र साधना करने वाले साधकों के लिए कालरात्रि का समय विशेष सिद्धिदायक होता है, इस दिन साधना हेतु मुहूर्त के लिए पहली {…}
Read Moreमहालक्ष्मी पूजन के लिए मुहूर्त का क्या महत्व है। दीपावली का पर्व इस वर्ष 24 अक्तूबर 2022 के दिन है। आज मैं आपको दीपावली के दिन महालक्ष्मी पूजन का विशेष मुहूर्त बताऊंगा। वह मुहूर्त {…}
Read Moreदुर्भाग्य को सौभाग्य में बदलने वालीदीपावली साधना साधनायें किसी एक विशेष वर्ग या समुदाय से संबंधित नहीं होती, साधना का क्षेत्र सम्पूर्ण मानव जाति तथा सम्पूर्ण विश्व है, कोई भी साधक किसी जाति, धर्म {…}
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