कुण्डली के 12 भाव
- 09-10-2026
- By : TeamS - Astrologer.Click
भाव- भाव और राशि में अंतर होता है। जो राशि जातक के जन्म के समय पूर्व क्षितिज में उदय हो चुकी हो, उसे ही लग्न राशि कहते हैं। इसी राशि की संख्या को लग्न {…}
Read Moreभाव- भाव और राशि में अंतर होता है। जो राशि जातक के जन्म के समय पूर्व क्षितिज में उदय हो चुकी हो, उसे ही लग्न राशि कहते हैं। इसी राशि की संख्या को लग्न {…}
Read Moreइसको सात बृहस्पतिवार करें।
Read Moreसर्व कामना सिद्धि प्रयोगसौंदर्य लहरी आदि शंकराचार्य की रचना है। इसके विषय में कहा जाता है कि- एक बार आदि शंकराचार्य महादेव शिव शंकर के दर्शन करने के लिये कैलाश पर्वत गये थे। दर्शनोपरांत {…}
Read Moreवैज्ञानिकों के अनुसार मानव शरीर विभिन्न नाड़ियों, शिराओं, धमनियाँ एवं कोशिकाओं का जाल है। ये सब मनुष्य के मस्तिष्क से जाकर जुड़ती हैं। मस्तिष्क के आस-पास चौबीस करोड़ रक्त वाहिनियों और सिराओं की एक {…}
Read Moreग्रहों में सर्वाधिक शक्तिशाली एवं दैदीप्यमान ग्रह शुक्र है। इस पर दृष्टि पड़ते ही दर्शक ठगा सा रह जाता है और लगभग सम्मोमिहत सा हो जाता है। सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करने वाले {…}
Read Moreअनेक जन्मों के संस्कार जब अभिव्यक्त होकर इस अवस्था में आते हैं कि उन पर भगवत्कृपा हो सके तब मनुष्य के अनतःकरण में यह लालसा पैदा होती है कि मुझे अपने परम लक्ष्य परमात्मा {…}
Read Moreभारतीय दर्शन और गणित में 9 के अंक का विशेष महत्व है साथ ही चमत्कारिक भी। गणित में यह सबसे बड़ी संख्या है क्योंकि 9 से आगे जितनी संख्यायें बनती हैं वे सब या {…}
Read Moreभारतीय जीवन-शैली में गृहस्थ आश्रम का विशेष महत्व है, गृहस्थ जीवन की शुरुआत पाणिग्रहण संस्कार से आरंभ होती है। प्रण-सूत्र में बंधना सुखदायी हो या दुःखदायी, यह दोनों के ग्रहों पर निर्भर करेगा जो {…}
Read Moreउपनिषदों में इस विद्या का वर्णन इसलिये हुआ है कि साधारण बुद्धि के लोग पुनर्जन्म में विश्वास करें। सदियों से पुनर्जन्म अनेक तरह से सन्दिग्ध रहा है, इस संसार में बहुत से मनुष्य इस {…}
Read More