आर्थिक संकट निवारण के लिए प्रभावी टोटके

- अचल संपत्ति की प्राप्ति :-
यदि आप अपना मकान प्रयास करने पर भी नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं और आपके सभी प्रयत्न असफल हो रहे हैं, तो प्रत्येक शुक्रवार को नियम से किसी भूखे व्यक्ति को भोजन कराएं और रविवार के दिन गाय को गुड़ खिलाएं। ऐसा करने से अचल संपत्ति मिलेगी, या कोई पैतृक सम्पत्ति प्राप्त होगी।
- द्रारिद्र भी लक्ष्मी संपन्न होः-
मंत्र– ऊँ हृं हृं हृं हृं हृंः अं सिं आं उं सां नमः इच्छियं में कुरू कुरु स्वाहा।।
विधि- पहले ‘मंत्र प्रतिष्टित स्फटिक श्री यंत्र’ की स्थापना करें फिर एक मिट्टी का कोरा कुंभ हल्दी से पीला रंगकर श्वास भरते हुये उसमें सवा रूपया और 1 साबुत सुपारी रखना, फिर उसे अखण्ड (साबुत) चावलों से भरना। कुंभ के मुख पर श्रीफल (नारियल) को पीले वस्त्र में ढककर कलावे से बांधकर रखें। इसके उपरांत श्वास भरते हुये एक पट्टे पर चावलों को कुंकुंम मे रंगकर रखें फिर उस पर कुंभ को स्थापित करें उसके आगे ‘स्फटिक श्री यंत्र’ की स्थापना करें। इस मंत्र का जप पीले आसन पर बैठकर पीले हकीक की माला से पूर्व या उत्तर दिशा में मुख कर के करें।
साधक के लिये आवश्यकः-
भूमि शयन, ब्रह्मचर्य पालन, कषाय, असत्य भाषण का त्याग, अशुभ क्रियाओं का त्याग करके मन में हर समय- शुद्ध विचार हों और महालक्ष्मी का ध्यान करें। मन, वचन, काया, वस्त्र, भूमि सब शुद्ध हों। तप का स्थान ठोस (निग्गर) भूमि हो, छत पर नहीं, और गुप्त रूप से यह साधना करना किसी से चर्चा नहीं करें।
भोजन– रजस्वला स्त्री का स्पर्श न किया हो ऐसा शुद्ध और पवित्र भोजन दिन में एक बार ही करें। फिर पूर्वोक्त मंत्र का जप शुरू करना चाहिये।
125000 जप करके ‘स्फटिक श्रीयंत्र’ को सिद्ध करना होता है। इस के साथ इस यंत्र को एक चांदी की छोटी तश्तरी में स्थापित करें और साथ में थोड़ा शुद्ध केशर रखें नित्य प्रात : इस यंत्र के श्रद्धापूर्वक दर्शन करें। दर्शन करते समय गंगाजल से केशर को भिगोकर अनामिका अंगुली से ‘स्फटिक श्रीयंत्र’ का तिलक अवश्य करें। फिर पूर्वोक्त मंत्र की एक माला प्रतिदिन जपें। यह सब कार्य सर्वार्थ सिद्धि योग में प्रसन्न चित्त से, चंद्र स्वर को भरते हुये प्रारंभ करें।
- गरीबी दूर करने के लिये :-
गरीबी कष्टदायक होती है। सभी इस कष्ट से बचना चाहते हैं। उन्हें आटे की 108 गोलियां, अपने इष्टदेव का स्मरण करते हुए, बनानी चाहिऐं, या लक्ष्मी मंत्र का जाप 108 बार करते हुए गोली बनानी चाहिए। इन गोलियां को 108 दिन तक रोज मछलियों को खिलाने से धन प्राप्ति के अवसर मिल जाते हैं।
- संपत्ति में वृद्धि हेतुः-
अगर आप समझते है कि आपकी पैतृक संपत्ति में वृद्धि नहीं हो रही, बल्कि कटौती हो रही है, तो इस उपाय को करें : किसी भी बृहस्पतिवार को बाजार से जल कुंभी ले कर आएं। उसे पीले कपड़े में बांध कर घर में कहीं पर लटका दें। उसको बार-बार छूना नहीं। एक सप्ताह के बाद उसको बदल कर नयी कुंभी ऐसे ही बांध दें।
इसको सात बृहस्पतिवार करें।
5. दरिद्रता नाशार्थ महालक्ष्मी मंत्रः-
ऊँ कमल निवासिनी, सदा सुहासिनी मा चंचले! स्थिरां-स्थिरां ह्री ह्री ऊँ नमः कामाक्षायै ह्रीं क्रीं श्रीं फट् स्वाहा।
विधि- शनिवार को अर्धरात्रि से नित्य 1000 मंत्र जप (धूप, दीप, नैवेद्य व पीले पुष्पादियुक्त) प्रारंभ करना चाहिये। तेईसवें दिन रात्रि को इसी मंत्र से विधिपूर्वक 2200 (बाईस माला) आहूतियाँ प्रदान कर, कम से कम एक ब्राह्मण, तीन कन्यायें तथा एक बटुकनाथ (बालक) को श्रद्धापूर्वक भोजन कराना चाहिये। यहाँ अनुष्ठान पूरा हुआ। मगर बाद में भी नित्य प्रातः व रात्रि को एक-एक माला मंत्र जप करते रहना चाहिये। 365 दिन में आपको अवश्य धन लाभ का अनुभव होने लगेगा।
- आर्थिक सुधार हेतुः-
एक सफेद और हल्का कागज लें फिर कागज पर छोटे-छोटे अक्षरों में राम-राम लिखें। अधिक से अधिक संख्या में राम का नाम लिखें तथा उस कागज के राम-राम लिखे टुकड़ों को अलग-अलग काट लें तथा उन टुकडों को एक-एक अलग-अलग आटे की गोली में डाल लें। इन गोलियों को पानी में मछली और कछुए आदि जलीय प्राणियों के खाने के लिए पूर्णमासी के दिन पानी में डाल आयें। ऐसा करने से आर्थिक स्थिति में बहुत अधिक सुधार आता है।
- काम न मिलने पर :-
योग्यता हो और फिर भी काम न मिले (कारण कुछ भी हो सकता है) तो सोमवार के दिन थोड़ा सा सादा नमक ले कर उसे अपने सिर पर 24 बार उतार कर (घड़ी चलने की दिशा में ) घर से बाहर फेंक दें तथा एक पुड़िया में नमक बांध कर अपने पास रखें तथा एक बेदाग नींबू लें और उसे भी अपने सिर पर 13 बार (घड़ी चलने की दिशा में) उतार लें तथा उसके चार बराबर टुकड़े कर लें। सांय काल के समय किसी चौराहे पर जा कर चारों टुकड़े चारों दिशाओं में एक-एक कर फेंक आएं। इससे काम मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। नींबू वाला प्रयोग सात दिन तक नियमित करना चाहिए।
- काम न मिलने पर :-
अगर आप कार्य की कमी के कारण दुःखी और परेशान हों तथा काफी हीन भावना अनुभव करतें हों, तो इस सरल उपाय को करें एक बेदाग बड़ा सा पीला नींबू लें। उसके चार बराबर-बराबर टुकड़े कर लें। दिन ढले चौराहे पर जा कर चारों दिशाओं मे ं उन्हें फेंक दें और बिना पीछे देखे घर वापिस आ जाएं। जल्दी ही लाभ होगा। इस प्रयोग को सात दिन लगातार करें।
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