सदाशिव ब्रह्मविद्या
- 09-10-2026
- By : TeamS - Astrologer.Click
नमस्ते ब्रह्मविद्ये में, हृदब्जष्यूतमे श्यामे।शरण्ये नन्दनोऽहं ते सदाशिव आविरेधि द्राक्।।1।। शरणार्थी को शरण देनेवाली मेरे हृदयकमल स्वामिनी हे ब्रह्मविद्ये! हे श्यामे! श्री उमे! मैं तेरा नन्दन सदाशिव हूँ। तू तुरन्त प्रकट हो जा। कियन्ते {…}
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