
कुत्ते का शकुन :- यात्रा के समय यदि कुत्ता अपने मुंह में हाड-़ माँस रोटी अथवा अन्य किसी आहार को लिये हुए सामने दिखाई दे तो यात्रा सफल होती है तथा पथिक की मनोकामना पूर्ण होती है।
कौआ सम्बंधी शकुन :-
यदि कौआ किसी दरिद्र स्त्री अथवा पुरूष के मस्तक पर आ बैठे तो उसे श्रेष्ठ लाभ कराता है परन्तु कुछ अन्य विद्वानों के मतानुसार कौए का मस्तक पर बैठना शुभ नहीं होता। यदि कौआ किसी धनवान व्यक्ति के मस्तक पर आ बैठे तो उसके धन का नाश होता है।
साधु सन्यासी शकुन :-
यदि यात्रा के समय कोई दण्डी, सन्यासी, बैरागी, जोगी, फकीर अथवा जटाधारी साधु सामने आ पहुँचे तो यात्रा निष्फल हो जाती है।
ध्वनि सम्बन्धी शकुन :-
यदि घर से निकलते समय षड्ज ऋषभ और गोचर इन तीनों में से कोई सुनाई दे तो उसे शुभ समझना चाहिये।
यदि यात्रा आरम्भ करते समय वेद ध्वनि शास्त्र ध्वनि, मांगलिक गीत, की मनोरम ध्वनि, देव मंदिर से आरती अथवा घंटा, बादल की ध्वनि नृत्य की ध्वनि, मनोरम वाद्य यंत्रों की ध्वनि अथवा मन में प्रसन्नता एवं आनन्द भरने वाली कोई अन्य ध्वनि सुनाई दे तो उसे यात्रा की सफलता का सूचक समझना चाहिये।
अन्य शकुन-
यदि प्रस्थान के समय कोई सधवा स्त्री अपनी गोद में बालक को लिये सामने आ जाये तो उसे अत्यंत शुभ समझना चाहिये।
मनुष्य का शकुन :-
प्रस्थान के समय कोई प्रसन्न मुख व्यक्ति सामने दिखाई दे तो यात्रा शुभ होती है।
प्रस्थान के समय कोई पुरूष हाथ में हरी पताका, गन्ना अथवा कमल पुष्प लिये सामने दिखाई दे तो उसे कार्य सिद्धि का सूचक समझना चाहिये।
हाथी का शकुन :-
यात्रा के समय मस्त चाल से चलता हुआ हाथी सामने अथवा बांई ओर को दिखाई दे तो उसे अत्यंत शुभ समझना चाहिये।
यात्रा के समय हाथी किसी वृक्ष अथवा दण्ड को अपनी सूँड से उखाड़ता हुआ दिखाई दे तो विजय-लाभ होता है।
यात्रा काल में हाथी तीव्रगति से चलता हुआ दिखाई दे तो विजय प्राप्त होती है।
यात्रा काल में यदि ऐसा हाथी दिखाई दे जिसके बांये दांत का मध्यभाग टूटा हुआ हो तो शत्रुओं का नाश करने वाला सिद्ध होता है।
घड़े का शकुन :-
घर से निकलते समय यदि पानी से भरा हुआ घड़ा दिखाई दे तो पूर्ण शुभ फल प्राप्त होता है।
यदि आधा भरा घड़ा दिखाई दे तो आधा शुभ फल मिलता है।
यदि पानी से भरे हुए दो घड़े एक साथ मिलें तो अत्युत्तम फल प्राप्त होता है।
यदि यात्रा के समय सामने खाली घड़ा अथवा कोई अन्य जल पात्र दिखाई दे तो लाभ के स्थान पर हानि होती है अतः यात्रा स्थागित कर देनी चाहिये।
देवी देवता :-
स्वप्न में देवी का दिखाई देना प्रयोग में सफलता का सूचक होता है।
स्वप्न में देवी किसी को अपनी गोद में लेकर ताज पहनाती हुई दिखाई दे तो द्रष्टा के यश तथा पद की वृद्धि होती है।
स्वप्न में देवता का दिखाई देना लाभ एवं सफलता का सूचक होता है।
विद्यालय :-
यदि विद्यालय में जाने का स्वप्न दिखाई दे तो वह द्रष्टा के श्रेष्ठ चरित्र का परिचायक होता है।
विद्यालय से भाग आने का स्वप्न दिखाई देना अच्छा तथा द्रष्टा की सर्वतोमुखी सफलता का सूचक होता है।
चीता :-
स्वप्न में चीते का दिखाई देना द्रष्टा के सफलता के मार्ग में कठिनाइयों का सूचक होता है।
यदि स्वप्न में चीता द्रष्टा पर आक्रमण करता हुआ दिखाई दे तो द्रष्टा की कठिनाइयों शीघ्र ही बढ़ जाती है।
यदि स्वप्न में चीता किसी दूसरे व्यक्ति पर आक्रमण करता हुआ दिखाई दे तो दृष्टा किसी गंभीर दुर्घटना के कारण बड़े संकट में पड़ता है।
ढोलक :-
यदि स्वप्न में कोई कुमारी स्त्री स्वयं को ढोलक बजाती हुई देखे तो उसका विवाह शीघ्र हो जाता है।
यदि कोई व्यक्ति स्वप्न में अपने घर पर ढोल बजता हुआ देखे तो उसके परिवार में पुत्र का जन्म होता है।
यदि द्रष्टा किसी उत्सव में स्वयं को ढोल बजाता हुआ देखे तो उसे कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
मशीन :-
यदि स्वप्न में पंचिग मशीन दिखाई दे तो दृष्टा को कोई उच्चपद प्राप्त होता है।
यदि किसी व्यापारी को स्वप्न में पंचिग मशीन दिखाई दे तो उसे व्यवसाय में बहुत लाभ होता है।
यदि स्वप्न में अन्य प्रकार की मशीनें दिखाई दें तो व्यवसाय में असफलता मिलती है।
तितली :-
यदि स्वप्न में कोई तितली के पीछे भागता और उसे पकड़ लेता है तो उसका विवाह इच्छित लड़की के साथ हो जाता है परन्तु यदि तितली पकड़ से बाहर निकल जाये, तो उस लड़की का विवाह किसी अन्य व्यक्ति से हो जाता है।
दस्तावेज, स्याही :-
यदि स्वप्न में कोई दस्तावेज अथवा बांड पर हस्ताक्षर करे तो उसे धन की हानि होती है।
यदि स्वप्न में द्रष्टा किसी दूसरे व्यक्ति को कोई बांड दस्तावेज हस्ताक्षर के लिये देता है तो उसके धन एवं प्रभाव में वृद्धि होती है तथा नौकरी में पदोन्नति अथवा व्यवसाय में लाभ होता है। स्वप्न में स्याही दिखाई दे तो समस्त इच्छाऐं पूरी होती है।
आंखें :-
यदि स्वप्न में अपनी आँखें लाल दिखाई दें तो द्रष्टा को रोग होता है।
यदि स्वप्न में अपनी आँखें सूजी हुई, परन्तु बिना दर्द की दिखाई दें तो द्रष्टा का जीवन आनन्दमय व्यतीत होता है।
प्रार्थना :-
यदि कोई व्यक्ति स्वप्न में यह देखे कि यह अकेला ही अपने इष्टदेव की प्रार्थना कर रहा है तो यह समझना चाहिये कि उसकी सहायता के सभी दरवाजे बंद हो गये हैं।
यदि कोई पुरूष बहुत लोगों के साथ प्रार्थना करने का स्वप्न देखें तो उसकी सामाजिक स्थिति उन्नत होती है।
यदि कोई प्रार्थना से अलग रहने का स्वप्न देखें तो उसके परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु होना संभव है।
यदि कोई स्त्री इष्ट देव की प्रार्थना करने का स्वप्न देखे तो उसके पति तथा बच्चों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
बिल्ली :-
यदि स्वप्न में बिल्ली दिखाई दे तो द्रष्टा के आचरण के विषय में खराब खबरें फैलती हैं। लोग उससे घृणा करते हैं। चोरी आदि के द्वारा उसे आर्थिक हानि भी होती है।
स्वप्न में बिल्ली को पकड़ना अथवा मारना दिखाई दे तो द्रष्टा के घर में चोर-डाकू आते हैं परन्तु उसे कोई हानि नहीं पहुंचा पाते।
स्वप्न में किसी भी रूप में बिल्ली का दिखाई देना अच्छा नहीं होता।
भोजन :-
यदि स्वप्न में स्वयं को भोजन करता हुआ देखे तो द्रष्टा को कोई रोग होता है।
स्वप्न में भोजन की वस्तुओं का दिखाई देना व्यवसाय में साधारण सफलता का सूचक होता है।
यदि स्वप्न में कोई व्यक्ति हल्का भोजन करें तो द्रष्टा को खेल में विजय प्राप्त होती है।
यदि किसी जीवित व्यक्ति को भोजन करने का स्वप्न दिखाई दे तो घर में सम्पत्ति आती है।
छिपकली :-
यदि स्वप्न में अपने शरीर पर छिपकली गिरती दिखाई दे तो बीमारी होगी।
यदि कोई स्त्री स्वप्न में अपने कपड़ों पर छिपकली गिरती हुई देखे तो कुछ अनिवार्य कारणों से कुछ दिनों के लिये पति से वियोग होता है।
यदि स्वप्न में छिपकली काटे तो बच्चे बीमार होंगे, यह समझना चाहिये।
स्वप्न में छिपकली का दीखना उद्योगों में सफलता का सूचक समझना चाहिये।
चूहा :-
स्वप्न में चूहा दिखाई दे तो समझना चाहिये कि द्रष्टा के अनेक शत्रु होंगे।
स्वप्न में चूहे फंसना यह सूचित करता है कि द्रष्टा शत्रुओं के षड्यंत्र का शिकार होगा।
स्वप्न में मरा हुआ चूहा दिखाई देना द्रष्टा के अच्छे दिनों का सूचक होता है।
स्वप्न में चूहा काटता हुआ दिखाई दें तो कोई भारी दुर्घटना टल गई है यह समझें।
स्वप्न में बहुत से चूहे दिखाई दें तो द्रष्टा को प्रत्येक क्षेत्र में असफलता मिलती है।
Tags: Ancient Indian Omens, astrologer, astrology, Auspicious and Inauspicious Signs, future, Good and Bad Omens, Hindu Shakun Shastra, remedies, Shakun Astrology, Shakun Shastra, vedic astrology