
अस्तु, यह बहुत ही शुभ कार्ड है। इसका मतलब है, आपके जीवन में खुशियों की बहार आने वाली है, ठोस उपलब्धियाँ हासिल होने वाली हैं। परिवार में हँसी-खुशी का माहौल कायम रहेगा। बच्चों के बारे में यह कार्ड शुभ संकेत देता है। अगर किसी वजह से बच्चा होने में बिलम्ब हो रहा है तो यह कार्ड इस बात का संकेत करता है कि नया शिशु आपके यहाँ जन्म लेने वाला है। सूरजमुखी का फूल प्रकृति के चारों तत्वों पृथ्वी, आकाश, अग्नि और जल का एक साथ प्रतिनिधित्व करता है। यह कार्ड उत्तम स्वास्थ्य एवं स्फूर्ति भरे जीवन का संकेत देता है। यह ग्रीष्म ऋतु अथवा उष्ण जगह का द्योतक है।
इस कार्ड का ऋणात्मक अर्थ है- उपलब्धियों में कुछ बिलम्ब हो सकता है या रास्ते में ठोकर लग सकती है। लेकिन घबरायें नहीं, आप जल्द ही संभल जायेंगे, हो सकता है। आप ज्यादा ताकतवर होकर उभरें क्योंकि किसी भी हालत में यह कार्ड बुरा साबित नहीं होगा।
यदि कार्ड पठन के दौरान यह कार्ड खुले तो इसका मतलब है आपने विगत में बहुत कठिन परिश्रम किया है जिसका इनाम आपको शीघ्र ही मिलने वाला है। यह भी हो सकता है कि आपको कोई चीज उपहार में मिले जिसकी आपने कल्पना भी नहीं की थी। यदि पठन के दौरान यह कार्ड उल्टा आये तो उपरोक्त ऋणात्मक अर्थ लेना चाहिये।
न्याय (जजमेंट) –
इस कार्ड का स्वामी ग्रह प्लूटो है। यह कार्ड अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करता है।
इस कार्ड में एक देवदूत को अन्तिम बिगुल बजाते दिखाया गया है। देवदूत के नीचे कई मृतक व्यक्ति अपनी-अपनी कब्रों से बाहर निकलते दिखाई पड़ रहे हैं। जिनके भविष्य के बारे में उनके विगत आचरण या कर्मां के आधार पर न्याय किया जाने वाला है।
इस कार्ड का मुख्य अभिप्राय मृत्यु और पुनर्जन्म को प्रदर्शित करना है। जैसाकि गीता में भी कहा है – जावस्य हि ध्रुवो मृत्युर्ध्रुवं जन्म मृतस्य च अर्थात् जिसका जन्म हुआ है। उसकी मृत्यु निश्चित है और जिसकी मृत्यु हुई है उसका जन्म निश्चित है। यह कार्ड इस आशय को बखूबी प्रकट करता है।
यह कार्ड उन महत्वपूर्ण निर्णयों का संकेत करता है। जिनका दूरगामी प्रभाव जातक पर पड़ने वाला है। इस कार्ड का मतलब है- नई क्षमता एवं योग्यता, एक ऐसा अवसर जिसे जातक को अपने फायदे के लिये पूरा-पूरा इस्तेमाल करना चाहिये। यह नये उद्यम, नये प्रयासों, नये कार्यों की आधारशिला रखे जाने का द्योतक है जो जातक की तरक्की, उसके भविष्य के लिये मील का पत्थर साबित होंगे। यह कैरियर में सफलता और विगत प्रयासों का सुखद फल देने का संकेत करता है। यह कार्ड आपको उम्मीद से कहीं ज्यादा त्वरित फल देने वाली घटनाओं की तरफ इशारा करता है।
इस कार्ड का ऋणात्मक अर्थ है- अच्छे अवसरों का हाथ से फिसल जाना, डर और अपनी हठधर्मिता एवं धर्मान्धता की वजह से खुद का नुकसान करना। यह बीमारी एवं मृत्यु का भय भी पैदा करता है। इसका मतलब है परिणाम जिसकी आप उम्मीद लगाये बैठे हैं, उसमें विलम्ब होने वाला है।
यदि कार्ड पठन के दौरान यह सीधा खुले तो इसका मतलब है कि जातक जिस रास्ते पर चल रहा है। वह बिल्कुल ठीक है। जातक को सुखद समाचार प्राप्त होने की सम्भावना है। उसे भूतकाल में किये गये कर्मां का इनाम मिलने वाला है।
यदि पठन के दौरान यह काई उल्टा आये तो यह जातक को सावधान करता है कि उसे अपने कर्म का यथोचित परिणाम नहीं मिलेगा या उसे मिलने में अनावश्यक विलम्ब होगा।
ग्रहों के राजा सूर्य इस कार्ड का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस कार्ड में एक नग्न बच्चे को घोडे़ पर सवार दिखाया गया है। जिसके दाहिने हाथ में एक पताका लहरा रहा है। उसके ऊपर सुनहरा खुशनुमा सूर्य बच्चे को देख रहा है। बच्चे के पीछे एक दीवार है। जिस पर सूरजमुखी के फूल बने हुए हैं। कार्ड की अवस्था खुशी का परिचय दे रही है। शानदार सूर्य समस्त संसार को जीवन का उपहार देता स्पष्ट दिख रहा है। सूर्य जग की आत्मा है। इस संसार में जो भी जीवन है, उसकी वजह से है। अतः वह जीवन का आधार है। बिना सूर्य के जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती।
अस्तु, यह बहुत ही शुभ कार्ड है। इसका मतलब है, आपके जीवन में खुशियों की बहार आने वाली है, ठोस उपलब्धियाँ हासिल होने वाली हैं। परिवार में हँसी-खुशी का माहौल कायम रहेगा। बच्चों के बारे में यह कार्ड शुभ संकेत देता है। अगर किसी वजह से बच्चा होने में बिलम्ब हो रहा है तो यह कार्ड इस बात का संकेत करता है कि नया शिशु आपके यहाँ जन्म लेने वाला है। सूरजमुखी का फूल प्रकृति के चारों तत्वों पृथ्वी, आकाश, अग्नि और जल का एक साथ प्रतिनिधित्व करता है। यह कार्ड उत्तम स्वास्थ्य एवं स्फूर्ति भरे जीवन का संकेत देता है। यह ग्रीष्म ऋतु अथवा उष्ण जगह का द्योतक है।
इस कार्ड का ऋणात्मक अर्थ है- उपलब्धियों में कुछ बिलम्ब हो सकता है या रास्ते में ठोकर लग सकती है। लेकिन घबरायें नहीं, आप जल्द ही संभल जायेंगे, हो सकता है। आप ज्यादा ताकतवर होकर उभरें क्योंकि किसी भी हालत में यह कार्ड बुरा साबित नहीं होगा।
यदि कार्ड पठन के दौरान यह कार्ड खुले तो इसका मतलब है आपने विगत में बहुत कठिन परिश्रम किया है जिसका इनाम आपको शीघ्र ही मिलने वाला है। यह भी हो सकता है कि आपको कोई चीज उपहार में मिले जिसकी आपने कल्पना भी नहीं की थी। यदि पठन के दौरान यह कार्ड उल्टा आये तो उपरोक्त ऋणात्मक अर्थ लेना चाहिये।
न्याय (जजमेंट) –
इस कार्ड का स्वामी ग्रह प्लूटो है। यह कार्ड अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करता है।
इस कार्ड में एक देवदूत को अन्तिम बिगुल बजाते दिखाया गया है। देवदूत के नीचे कई मृतक व्यक्ति अपनी-अपनी कब्रों से बाहर निकलते दिखाई पड़ रहे हैं। जिनके भविष्य के बारे में उनके विगत आचरण या कर्मां के आधार पर न्याय किया जाने वाला है।
इस कार्ड का मुख्य अभिप्राय मृत्यु और पुनर्जन्म को प्रदर्शित करना है। जैसाकि गीता में भी कहा है – जावस्य हि ध्रुवो मृत्युर्ध्रुवं जन्म मृतस्य च अर्थात् जिसका जन्म हुआ है। उसकी मृत्यु निश्चित है और जिसकी मृत्यु हुई है उसका जन्म निश्चित है। यह कार्ड इस आशय को बखूबी प्रकट करता है।
यह कार्ड उन महत्वपूर्ण निर्णयों का संकेत करता है। जिनका दूरगामी प्रभाव जातक पर पड़ने वाला है। इस कार्ड का मतलब है- नई क्षमता एवं योग्यता, एक ऐसा अवसर जिसे जातक को अपने फायदे के लिये पूरा-पूरा इस्तेमाल करना चाहिये। यह नये उद्यम, नये प्रयासों, नये कार्यों की आधारशिला रखे जाने का द्योतक है जो जातक की तरक्की, उसके भविष्य के लिये मील का पत्थर साबित होंगे। यह कैरियर में सफलता और विगत प्रयासों का सुखद फल देने का संकेत करता है। यह कार्ड आपको उम्मीद से कहीं ज्यादा त्वरित फल देने वाली घटनाओं की तरफ इशारा करता है।
इस कार्ड का ऋणात्मक अर्थ है- अच्छे अवसरों का हाथ से फिसल जाना, डर और अपनी हठधर्मिता एवं धर्मान्धता की वजह से खुद का नुकसान करना। यह बीमारी एवं मृत्यु का भय भी पैदा करता है। इसका मतलब है परिणाम जिसकी आप उम्मीद लगाये बैठे हैं, उसमें विलम्ब होने वाला है।
यदि कार्ड पठन के दौरान यह सीधा खुले तो इसका मतलब है कि जातक जिस रास्ते पर चल रहा है। वह बिल्कुल ठीक है। जातक को सुखद समाचार प्राप्त होने की सम्भावना है। उसे भूतकाल में किये गये कर्मां का इनाम मिलने वाला है।
यदि पठन के दौरान यह काई उल्टा आये तो यह जातक को सावधान करता है कि उसे अपने कर्म का यथोचित परिणाम नहीं मिलेगा या उसे मिलने में अनावश्यक विलम्ब होगा।
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