Tag: sharan

परमात्मा की शरण में परमगति

चौरासी लाख योनियों में से सिवा मनुष्य के किसी को भी अपने जीवन के उद्देश्य का पता नहीं है। मनुष्य और पशु समान रूप से आहार, निद्रा, भय और मैथुन में प्रवृत्त होते हैं। {…}

Read More