Tag: God

सदगुरू की महिमा

अनेक जन्मों के संस्कार जब अभिव्यक्त होकर इस अवस्था में आते हैं कि उन पर भगवत्कृपा हो सके तब मनुष्य के अनतःकरण में यह लालसा पैदा होती है कि मुझे अपने परम लक्ष्य परमात्मा {…}

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कौन हैं 8 चिरंजीवी

अश्वत्थामा, बलि, व्यास, हनुमान, विभीषण, कृपाचार्य, परशुराम और मार्कण्डेय ऋषि। इन आठों चिरंजीवीयों की जो मनुष्य प्रातःकाल श्रद्धापूर्वक स्तुति करता है, वह सब रोगों से मुक्त होकर सुखपूर्वक सौ वर्ष की आयु को प्राप्त {…}

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परमात्मा की शरण में परमगति

चौरासी लाख योनियों में से सिवा मनुष्य के किसी को भी अपने जीवन के उद्देश्य का पता नहीं है। मनुष्य और पशु समान रूप से आहार, निद्रा, भय और मैथुन में प्रवृत्त होते हैं। {…}

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दीवानों की दुनियां

या निशा सर्वभूतानां तस्यां जागर्ति संयमी। यस्यां जाग्रति भूतानि सा निशा पश्चतो मुनेः।।भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि- ‘जो सब भूतप्राणियों के लिये रात्रि है, संयमी पुरुष उसमें जागता है, और सब भूतप्राणी जिसमें {…}

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ज्ञान की साधना

निष्काम साधना, भक्ति साधना और योग साधना की तरह एक और साधना है- ज्ञान की साधना! इस ज्ञान की साधना की पद्धति श्रुति इस प्रकार बतलाती है- आत्मज्ञान का दर्शन करना चाहिये। दर्शन करने {…}

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सर्वव्यापिनी ईश्वरीय शक्ति

वैदिक काल से लेकर आज तक सनातन मत परम सत्ता की माता और पिता के रूप में उपासना करता आया है। सनातन मार्ग हमें यह भी सिखाता है कि इन दो भावों में से {…}

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रामभक्त श्रीहनुमान

भगवान् श्रीराम सम्पूर्ण विश्व के लिये महान् आदर्श हैं और भक्तों के लिये तो वे सर्वस्व ही हैं। मर्यादा-पुरूषोत्तम भगवान् श्रीराम के अत्यन्त प्रिय हैं- पवनपुत्र श्रीहनुमान्जी। ये अपने प्राणाराध्य के बिना एक क्षण {…}

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अचूक हनुमत मंत्र

श्रीहनुमानजी की उपासना से सम्बन्धित एक अचूक प्रयोग लेख रूप में लिपिबद्ध किया जा रहा है। आशा है, पाठक गण श्रद्धा-विश्वास पूर्वक इससे अवश्य लाभ उठायेंगे- प्रयोग विधि-किसी भी परोपकार-भावना या उचित एवं योग्य {…}

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महान कर्मयोगी श्रीहनुमान

कर्मयोगी का अर्थ है कर्म करते समय जो ऐसी भावना रखता है कि कर्म करने वाला, कर्म कराने वाला, कर्म और कर्म फल यह सब प्रभु है अर्थात् मुझ में प्रभु हैं, प्रभु का {…}

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हनुमान जी के लिए दीपदान

सनत्कुमारजी हनुमान भक्तों के लिये कहते हैं- मैं हनुमानजी के लिये रहस्य सहित दीपदान विधि का वर्णन करता हूँ, जिसका ज्ञान लेने मात्र से साधक सिद्ध हो जाता है। दीपपात्र का प्रमाण, तैल का {…}

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